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भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने दोहराया गौरवशाली इतिहास, टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक किया अपने नाम

 विवेक सागर और नीलकांता शर्मा को एक-एक करोड़ रूपये का पुरूस्कार

दोनों खिलाड़ियों ने प्रदेश को किया गौरवांवित : मुख्यमंत्री श्री चौहान

हरदा से अनिल मल्हारे कि रिपोर्ट

हरदा :-



होशंगाबाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में उल्लेखनीय खेल का प्रदर्शन कर कांस्य पदक अपने नाम किया है। हॉकी टीम ने 41 साल बाद अपने गौरवशाली इतिहास को दोहराया है। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने चार बार के चैम्पियन जर्मनी के साथ खेले गए मैच में हॉकी का जादुई खेल दिखाकर 5-4 से विरोधी टीम को शिकस्त दी है। भारतीय टीम की इस उपलब्धि से पूरा भारतवर्ष गौरवान्वित हो उठा हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ओलंपिक में शानदार खेल का प्रदर्शन कर कांस्य पदक जीतने पर भारतीय पुरुष हॉकी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि भारतीय हॉकी टीम के प्रत्येक खिलाड़ी पर देश को गर्व है। मध्यप्रदेश के लिए भी यह विशेष गौरव की बात है। टीम का हिस्सा रहे प्रदेश के होशंगाबाद जिले के श्री विवेक सागर ने भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भारतीय टीम का प्रतिनिधत्व करने वाले मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी के दोनों खिलाड़ी विवेक सागर एवं नीलाकांता शर्मा को सम्मान निधी के रूप में 1-1 करोड़ रुपए की राशि का पुरुस्कार प्रदान करने की घोषणा की है।


खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने भारतीय पुरूष हॉकी टीम को टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने की बधाई दी है। श्रीमती सिंधिया ने कहा कि भारतीय हॉकी टीम का प्रर्दशन अद्भुत एवं अविस्मरणीय था। टीम ने इतिहास रचा है। श्रीमती सिंधिया ने कहा कि 41 साल बाद देश को ओलम्पिक पदक मिला है। भारत ने जर्मनी के साथ खेलते हुए शानदार प्रदर्शन कर 5- 4 से जीत हासिल की है। टीम इंडिया ने चार बार की ओलम्पिक गोल्ड मेडल वीनर टीम को हरा कर यह गौरव हासिल किया है।


होशंगाबाद के बेटे विवेक सागर के गृह ग्राम चांदोन में भी जश्न का माहौल हैं। गुरुवार को 41 साल बाद ओलंपिक में पदक जीतने की उम्मीद से सुबह गांव वाले विवेक के घर पर मैच देखने इक्ट्ठा हुए। मैच के आखिरी पलों में ज्यों ही गोलकीपर पी आर श्रीजेश ने जर्मनी को मिली पेनल्टी को रोका , करोड़ों भारतीयों के साथ टीवी पर इस ऐतिहासिक मुकाबले को देख रहे विवेक के माता पिता सहित नर्मदापुरम वासियों की भी आंखें खुशी से नम हो गई । विवेक के पिता श्री रोहित प्रसाद ने कहा कि हॉकी के गौरवशाली इतिहास को नये सिरे से दोहराने के लिए विवेक और पूरी भारतीय टीम पर देश को गर्व है। भारतीय टीम की जीत में विवेक द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका से उनकी माता कमला देवी भी बहुत खुश हैं।


प्रतिभा, कड़ी मेहनत एवं खेल के प्रति के जुनून से विवेक ने इटारसी के छोटे से ग्राम चांदोन से टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने का सफर तय किया हैं। इटारसी के ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के ग्राउंड में हॉकी खलेने से शुरू हुआ विवेक का यह सफर नित्य नई- नई उपलब्धियां हासिल कर प्रदेश व देश का नाम रोशन कर रहे हैं।


*कई उपलब्धियां अपने नाम कर चुके हैं विवेक सागर*


होशंगाबाद जिले की इटारसी तहसील के ग्राम शिवनगर चांदौन में मध्यम वर्गीय परिवार में जन्में शिक्षक श्री रोहित प्रसाद के बेटे विवेक सागर ने वर्ष 2018 में फोर नेशंस टूर्नामेंट, कॉमनवेल्थ गेम्स, चैम्पियन ट्रॉफी, यूथ ओलम्पिक, न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज, एशियन गेम्स तथा वर्ष 2019 में अजलान शाह हॉकी टूर्नामेंट, आस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज और फाइनल सीरीज भुवनेश्वर जैसी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। विवेक सागर को यूथ ओलम्पिक में बेस्ट स्कोरर और फाइनल सीरीज भुवनेश्वर में बेस्ट जूनियर प्लेयर अवॉर्ड से भी नवाजा गया। एशियाड 2018 में भारत को कांस्य पदक दिलाने वाली भारतीय टीम में शामिल मिडफिल्डर हॉकी खिलाड़ी विवेक 62 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं, जिन्हे वर्ष 2018 में मध्य प्रदेश शासन द्वारा एकलव्य अवार्ड से सम्मानित किया गया है।

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