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औधोगिक क्षेत्र में ग्वालियर की पहचान बने - सांसद श्री शेजवलकर



ग्वालियर में तीन औधोगिक इकाईयों का शुभारंभ 


ग्वालियर 08 अप्रेल 2021



 मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने प्रदेश में 1891 औधोगिक इकाईंयों का वर्चुअली भोपाल स्थित मिंटो हॉल से शुभारंभ किया। इस अवसर पर ग्वालियर में भी तीन औधोगिक इकाईयां जिनमें मै. दीनदयाल फूड्स प्रा.लि. ग्राम डांग गुठीना (विस्तार हेतु), में. मानस पॉलीमर्स औद्योगिक क्षेत्र बाराघाटा ग्वालियर (विस्तार हेतु) एवं में. श्याम बाबा इण्डस्ट्रीज ग्राम व पोस्ट घही तहसील डबरा ग्वालियर (नवीन इकाई) का शुभारंभ बाल भवन सभागार में ग्वालियर सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मनीषा भुजवल यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री कमल माखीजानी, पूर्व विधायक श्री मुन्नालाल गोयल की उपस्थित में किया गया। 


सांसद श्री शेजवलकर ने कहा कि हम नौकरी मांगने वाले नहीं नौकरी देने वाले बनें। प्रधानमंत्री जी का नारा है वोकल फॉर लोकल इसी के तहत आज प्रदेश में 1891 नवीन सूक्ष्म, लघू और मध्यम उद्यमों का शुभारंभ किया गया। प्रदेश सरकार और उद्यमियों के लिए यह कदम आत्मनिर्भर की ओर बडते कदम की ओर है। हमें यह भी ध्यान रखना है कि नये उद्योग तो चालू हो रहे हैं पुराने उद्योगों का भी हमें विस्तार करना है। आज ग्वालियर में तीन औद्योगिक इकाईयों में 11.80 करोड की राशि से नवीन स्थायी पूंजी निवेश इकाईयों की स्थापना हेतु किया गया है। उपरोक्त इकाईयों द्वारा 60 स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान किया जायेगा। 


उन्होने कहा कि नये उद्योग लगने से रोजगार के अवसर तो बडेगें साथ ही आर्थिक सुदृणता भी बडेगी। इन औद्योगिक इकाइयों में सबसे पहले स्थानीय युवाओं को मौका दिया जायेगा। जिससे स्थानीय स्तर पर भी रोजगार के अवसर बडेगें। उन्होने कहा कि आज जितनी भी ओद्योगिक इकाईयों का शुभारंभ किया जा रहा है उनमें से अधिकतर प्रतिदिन उपयोग होने वाली वस्तुओं के उद्योग हैं और कहा कि शासन द्वारा भी औद्योगिक इकाईयों की अधिक से अधिक स्थापना हेतु कई सार्थक प्रयास किये गए हैं मध्य प्रदेश की एक जिला एक उत्पाद की संकल्पना, चिन्हित इकाईयों से संबंधित क्लस्टर योजना आदि प्रयास अभी वर्तमान में जारी हैं। 


इसके साथ ही कोविड 19 महामारी के प्रकोप का प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर पडा है तथा हमारे उद्यमी भी इस प्रभाव से प्रभावित हुए हैं किंतु अब हम इस प्रभाव से उबर रहे हैं तथा देश की अर्थव्यवस्था पटरी पर आ रही है। कोविड 19 के प्रभाव को दृष्टिगत रखते हुए मध्य प्रदेश शासन द्वारा भी उद्यमियों की मांग के अनुसार श्रम नियमों में आवश्यक संशोधन किये गए हैं। इस प्रकार औधोगिक विकास हेतु एक सकारात्मक वातावरण तैयार करने हेतु प्रभावशील प्रयास किये हैं। जिसके फलस्वरूप संपूर्ण प्रदेश में नवीन इकाईयों की स्थापना प्रदेश में हो रही है, नया निवेश हो रहा है तथा रोजगार का सृजन हो रहा है। 


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