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अनुविभाग करैरा में गणेश विसर्जन को लेकर आदेश जारी,

10 ब्यक्ति ही जा सकेंगे विसर्जन स्थल पर

करैरा (शिवपुरी):-





 जिला दंडाधिकारी शिवपुरी के आदेशानुसार अनुविभाग करेरा क्षेत्र अंतर्गत तहसील करेरा की अमोला सिंध नदी पुल पर एवं करेरा में महुअर नदी पर व करेरा एवं नरवर तहसील के अन्य क्षेत्रों में नदी, तालाबों में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जावेगा। अतः कानून एवं सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए एसडीएम अंकुर रवि गुप्ता ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हैं दिनांक 18 सितंबर से 21 सितंबर 2021 तक अनु विभाग करेरा क्षेत्र अंतर्गत निम्नानुसार प्रतिबंध लगाया गया है। जिनमें गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन संबंधित आयोजन समिति द्वारा किया जावेगा। विसर्जन स्थल पर ले जाने के लिए अधिकतम 10 व्यक्तियों के समूह की अनुमति होगी। इसके लिए आयोजन समिति को पृथक से संबंधित थाना प्रभारी को सूचना देनी होगी। संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत करेरा व नरवर तथा मुख्य नगर पंचायत अधिकारी करेरा व नरवर द्वारा प्रतिमाओं का विसर्जन के लिए अधिक से अधिक उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाए, ताकि विसर्जन स्थल पर कम भीड़ हो सके तथा विसर्जन स्थल पर प्रकाश एवं गोताखोरों की व्यवस्था की जाए। कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए धार्मिक -सामाजिक आयोजन के लिए चल समारोह निकालने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के लिए सामूहिक चल समारोह की अनुमति नहीं होगी, ताकि विसर्जन स्थल पर कम भीड़ हो सके। कोविड-19 संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर कोविड-19 संक्रमण के बचाव हेतु झांकियों, पंडालों ,विसर्जन के आयोजनों में श्रद्धालुओं  फेस कवर, सोशल डिस्टेंस एवं सैनिटाइजर का प्रयोग के साथ ही राज्यशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए गए निर्देश कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जावे। ध्वनि विस्तारक यंत्रों लाउडस्पीकर का प्रयोग माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी गाइडलाइन अनुसार किया जावे, रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 6:00 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग प्रतिबंध रहेगा। उक्त आदेश सर्वसाधारण को संबोधित है वर्तमान परिस्थितियों में समय अभाव के कारण प्रत्येक व्यक्ति को  इस आदेश की तामील करना संभव नहीं है, अतः सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, समाचार पत्रों आदि के माध्यम से इस आदेश के संबंध में सूचित किया जा रहा है। यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भारतीय दंड विधान 1860 की धारा 188 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के अंतर्गत एवं एपिडेमिक एक्ट 1897 तथा अन्य सुसंगत अधिनियमो के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जावेगी।

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