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शहर के युवा उद्यमियों के लिए “स्टार्ट-अप” योजना पर सेमीनार आयोजित

 एमपीसीसीआई का 117वां स्थापना दिवस समारोह

एमपीसीसीआई स्टार्ट-अप के लिए नियमित रूप से कार्य करे, इसके लिए फण्ड की आवश्‍यकता होने पर उपलब्ध कराया जायेगा: कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह

ग्वालियर 25 मई:-


 मध्यप्रदेश चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री (एमपीसीसीआई) के 117वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर शहर के युवा उद्यमियों के लिए “स्टार्ट-अप” योजना पर सेमीनार का आयोजन आज 25 मई,2022 को प्रात: 10.30 बजे ‘चेम्बर भवन में किया गया है। सेमीनार के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधीश, ग्वालियर-श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह एवं विशिष्ट अतिथि निगमायुक्त-श्री किशोर कान्याल, सीईओ-जिला पंचायत-श्री आशीष तिवारी सहित अध्यक्ष-विजय गोयल, उपाध्यक्ष-पारस जैन, मानसेवी सचिव-डॉ. प्रवीण अग्रवाल, मानसेवी संयुक्त सचिव-ब्रजेश गोयल, कोषाध्यक्ष-वसंत अग्रवाल व शहर के युवा उद्यमी तथा चेम्बर सदस्यगण उपस्थित रहे।


कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों एवं पदाधिकारियों द्बारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर मार्ल्यापण एवं दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। तदुपरांत पदाधिकारियों द्बारा अतिथियों का बुके देकर स्वागत किया गया।

इस अवसर पर अध्यक्ष-विजय गोयल द्बारा स्वागत उद्बोधन में कहा कि हमारा चेम्बर ऑफ कॉमर्स 116 वर्ष पूर्ण कर, 117वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। चेम्बर की यह सेवा यात्रा ऐतिहासिक रही है। इस ऐतिहासिक यात्रा के चलते ही चेम्बर इस शहर के लिए ही नहीं बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए ऐतिहासिक धरोहर है। चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने समय-समय पर ग्वालियर अंचल के औद्योगिक एवं व्यापारिक विकास के लिए शासन-प्रशासन के साथ समन्वय बैठाया है। सिंधिया राजवंश द्बारा इसकी स्थापना जिस उद्देश्‍य से की गई थी, यह संस्था उस उद्देश्‍य को पूर्ण करने में पूर्णत: सफल रही है। 116 वर्ष की सेवा यात्रा इसका प्रमाण है। हमारे पूर्वजों ने इस संस्था को इस प्रतिष्ठित मुकाम तक पहुंचाया है। आज का सेमीनार किसी विचार को व्यवसाय एवं इण्डस्ट्री के रूप में परिवर्तित करने के उद्देश्‍य से आयोजित है। आशा है कि इस सदन में उपस्थित हमारी युवा पीढी इससे अवश्य ही लाभांवित होगी।

गोदरेज कन्ज्यूमर प्रॉडक्ट्स लिमिटेड के वाइस चैयरमेन एवं क्वालिटी काउंसिल फोरम ऑफ इण्डिया के नेशनल प्रेसीडेन्ट-श्री अविनाश मिश्रा ने चेम्बर ऑफ कॉमर्स को 117वें स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि चेम्बर भी आधुनिक भारत की तरह आधुनिकता की ओर बढ रहा है। देश में स्टार्ट-अप इण्डिया के माध्यम से ईको सिस्टम डेवलप हो रहा है, उससे न केवल हमारा देश बल्कि हमारा ग्वालियर क्षेत्र भी तेजी से आगे बढ रहा है। स्टार्ट-अप के माध्यम से हमें कई इनोवेशन देखने को मिल रहे हैं। आपने कहा कि जरूरी नहीं है कि टेलेण्ट बहुत अच्छे स्कूल या बहुत बड़े शहर से डवलप होता है। आपने उदाहरण दिया कि एक गांव से एक फ्रेबीकेशन का कार्य करने वाला व्यक्ति मेरे पास आया, उसने मुझसे पूछा कि मुझे अपने प्रॉडक्ट का पेटेण्ट कराना है तो मैंने उनसे पूछा कि आपने ऐसा क्या प्रॉडक्ट बनाया है तो उसने बताया कि दो पहिया वाहन को खड़ा करने वाले स्टेण्ड को मैंने बटन द्बारा खड़ा करने का आविष्कार किया है ताकि बुजुर्ग व महिलाओं को इससे राहत मिल सके।


सेमीनार के उद्घाटन सत्र का संचालन कर रहे मानसेवी सचिव-डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि क्वालिटी काउंसिल फोरम ऑफ इण्डिया के नेशनल प्रेसीडेंट-श्री अविनाश मिश्रा जी के साथ हम आज एक एमओयू साइन कर रहे हैं, जिसमें वह एमपीसीसीआई द्बारा अनुमोदित एमएसएमई-स्टार्टअप को उनकी समस्या के निराकरण के साथ उनके मार्गदर्शन के लिए नि:शुल्क सेवायें प्रदान करेंगे जबकि वह यह सेवाएं 1 लाख रूपये में देते हैं।

विशिष्ट अतिथि-श्री किशोर कान्याल, आयुक्त नगर निगम ग्वालियर ने अपने उद्बोधन में कहा कि हम कल ही बेल्जियम से लौटे हैं। हमने बेल्जियम दौरे पर सोचा था कि हम ग्वालियर लौटते ही शीघ्र ही एक मीटिंग करेंगे, जिसमें स्टार्ट-अप, इन्वेस्टर्स, स्मार्ट सिटी, ट्रिपल आईटीएम शामिल होंगे। हमने सोचा नहीं था कि हमारे लौटते ही चेम्बर ऑफ कॉमर्स हमारे सपने को साकार कर देगा। इसके लिए चेम्बर ऑफ कॉमर्स को बहुत बहुत बधाई जो काम हम एक सप्ताह बाद करते वह आपने आज ही कर दिया। आपने बताया कि बेल्जियम में स्टार्टअप के लिए एक सेंटर है जो उन्हें सभी सुविधायें उपलब्ध कराता है। बेल्जियम के स्टार्ट मॉडल को देखकर हमने ग्वालियर में भी स्टार्टअप के विकास के लिए योजना बनाई है।

मुख्य अतिथि-श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, जिलाधीश ग्वालियर ने कहा कि आज के सेमीनार के लिए 250 रजिस्ट्रेशन होना स्टार्टअप के लिए अच्छी शुरूआत है। आपने कहा कि विदेशों में चेम्बर का नाम है, यह बड़े गर्व की बात है कि विदेशों में भी लोग ग्वालियर चेम्बर को लोग जानते हैं। देश में आईडिया तो बहुत हैं पर उन्हें आगे कैसे बढाया जाये, इस पर कार्य होना है। स्टार्ट-अप के लिए पोटेंशियल बढाना जरूरी है। आपने कहा कि चेम्बर ऑफ कॉमर्स स्टार्टअप के लिए निरंतर कार्य करे। इसके लिए यदि फण्ड्स की जरूरत होगी तो हम स्मार्ट सिटी से उपलब्ध करवायेंगे। मेंटर्सशिप को डवलप करें ताकि युवा पीढी को मदद मिल सके।

उदघाटन सत्र के समापन पर मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि को पदाधिकारियों द्बारा स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। आभार उपाध्यक्ष-पारस जैन द्बारा व्यक्त किया गया।

 उद्घाटन के पश्‍चात्‌‍ स्टार्ट-अप कॉन्क्लेव सत्र प्रारंभ किया गया। इस अवसर पर श्री अविनाश मिश्रा, नेशनल प्रेसीडेंट (QCFI), सफल युवा उद्यमी-श्री पुनीत डाबर, श्री अंकुर माहेश्वरी, सुश्री आकांक्षी वैश्‍य, सी.ए. सम्यक जैन एवं मॉडरेटर के रूप में श्री आशीष वैश्‍य मंचासीन थे।

पदाधिकारियों द्बारा स्टार्ट-अप कॉन्क्लेव में उपस्थित सभी उद्यमियों का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया।

मॉर्डन एन्टरटेनमेंट के सी.ई.ओ. श्री अंकुर माहेश्वरी ने अपनी उद्यम यात्रा के बारे में बताते हुए कहा कि  एम्यूजमेंट के तहत हमने इण्डिया में वह प्रॉडक्ट बनाये जो कि यहां थे नहीं, जिन्हें देखने के लिए लोगों को विदेश जाना पड़ता था। हमने ग्वालियर से यह शुरू किया और आज विदेशों तक हमने पहचान बनाई है। वर्तमान में मस्ती जोन इण्डिया में 20 लोकेशन पर है, आगामी तीन साल में 40 और लोकेशन में यह स्थापित होने वाले हैं। आपने कहा कि अपने उत्पाद में स्पेशलाइजेशन और सिम्पलिसिटी रखें। बिजनिस के लिए यह जरूरी है जो आपको क्रिएट करना पड़ेगा।

गोदरेज कन्ज्यूमर प्रॉडक्ट लि. के वाइस चेयरमेंन एवं क्वालिटी काउंसिल फोरम ऑफ इण्डिया के नेशनल प्रेसीडेंट श्री अविनाश मिश्रा ने कहा कि किसी भी उद्योग/व्यापार के लिए तीन पी बहुत जरूरी हैं-प्यूपिल, प्रोसेस और प्रॉडक्ट। अच्छे लोग, अच्छी प्रोसेस और अच्छे उत्पाद से आप अपने उद्यम को स्थापित करेंगे तो सफलता निश्‍चित ही प्राप्त होगी। आज गोदरेज इसी पॉलिसी के तहत एशिया का सबसे बड़ा मैन्यूफेक्चरर बन गया है।

ट्रॉपीलाइट इण्डस्ट्रीज के सीईओ श्री पुनीत डाबर ने बताया कि मैं अपने छात्र जीवन में एक औसत विद्यार्थी रहा और मेरी विज्ञान विषय में रूचि बिल्कुल नहीं थी, जबकि मेरे पिताश्री चाहते थे कि मैं विज्ञान विषय  का अध्ययन करूं। आपने कहा कि बिजनिस स्थापित करने के लिए मार्केट में किस उत्पाद की डिमांड है, यह जानना बेहद जरूरी है। आपने कहा कि मैंने एक बेकर्स के यहां एक महिला को देखा जो कि बेकर्स से एगफ्री केक मांग रही थीं। जब मैंने बेकर्स से पूछा कि एगफ्री कैक आप किस तरह बनाते तो उन्होंने बताया कि एगफ्री कैक बन ही नहीं सकता है। तब मैंने पूछा कि आप फिर किस प्रकार उस महिला को एगफ्री कैक देंगे तब उन्होंने बताया कि अभी 8 अण्डों से कैक बनाते हैं महिला के कैक में 4 अण्डे मिलाकर कैक बनायेंगे। तब मैंने ठाना कि एगफ्री कैक बनाने का ठाना और अपनी लैब में 43 दिन तक प्रयोग किया और 44वें दिन मेैं एगफ्री कैक बना सका। यह पहला एगफ्री कैक था जो हमारे द्बारा बनाया गया।

एशिया पैसिफिक के स्टार्टप कॉम्पटीशन में प्रथम स्थान प्राप्त करने वालीं एवं वर्की फाय की सीईओ-सुश्री आकांक्षी वैश्‍य ने बताया कि मेरे द्बारा दो उत्पादों के लिए पैटेण्ट फाइल किया गया है। हमारे प्रॉडक्ट म्यूनिसिपल कार्पोरेशन में इंस्टॉल होता है जो कि बिना किसी मानव की मदद से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस टेक्नॉलोजी द्बारा  कचड़ा को अलग-अलग करता है और फिर यह कचरा रिसाइकिल किया जाता है। यह पूरा प्रोसेस ऑटोनोमस है।

सी.ए. श्री सम्यक जैन द्बारा स्टार्ट-अप को कैसे वित्तीय सहायता प्राप्त होती है, इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी।

प्रश्न-उत्तर सेशन में श्री संभव जैन ने जानकारी चाही कि स्टॉर्ट-अप को कैसे यूनिकॉन बनाया जा सकता है।

जबाव- किसी समस्या का बेहतर सोल्यूशन देना ही आपके प्रॉडक्ट को यूनिकॉन बना सकता है।

प्रश्न-श्री अभिशेक गोयल सन्नी ने पूछा कि किसी स्टार्ट-अप को प्रारंभ करने के लिए कितनी राशि की आवश्‍यकता होती है।

जबाव-यह आपके स्टार्ट-अप के स्वरूप पर निर्भर करता है। यदि आपका स्टार्ट-अप मैन्यूफेक्चरिंग बेस्ड है तो लागत ज्यादा होगी और सर्विस प्रदाता है तो लागत कम आयेगी।

प्रश्न-श्री आशीष अग्रवाल ने जानकारी चाही कि यदि फैमिली आपके स्टार्ट-अप को सपोर्ट नहीं करती है तो आप कैसे उसे चालू कर सकते हैं।

जबाव- बिना पैसे की मदद से भी आप स्टार्टअप चालू कर सकते हैं, इसके लिए आप स्टार्ट-अप के लिए अप्लाय करते है और उसके बारे में फायनेंसर को समझाते हैं तो बिना फैमिली सपोर्ट के भी आप उसे शुरू कर सकते हैं।

प्रश्न- स्टार्ट-अप में रिस्क फैक्टर कितना रहता है।

जबाव- बिना रिस्क के कोई भी चीज प्रारंभ नहीं की जा सकती है लेकिन आप केलकुलेट रिस्क लेते हैं तो इसमें रिस्क फैक्टर कम होता है।

प्रश्न- स्टार्ट-अप के लिए को-फाउण्डर किस प्रकार निर्धारित करें

जबाव- आपका गोल जिसके साथ मिलता हो, उसे आप फाण्डर बना सकते हैं।

कार्यक्रम में अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किये गये। र्स्टाट-अप कॉन्क्लेव सत्र का संचालन श्री आशी वैश्‍य व आभार कोषाध्यक्ष-वसंत अग्रवाल द्बारा व्यक्त किया गया। 

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