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सम्मेद शिखरजी बचाओ आंदोलन में सरकार के फैसले का विरोध सौंपा ज्ञापन

आस्था पर कुठाराघात बताया

भितरवार:- अंकुर जैन


जैन तीर्थ सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के विरोध में बुधवार को जैन समाज के लोग सड़क पर उतर आए। जैन समाज के नेतृत्व में समाज के सैकड़ों लोगों ने पुराना बाजार स्थित पार्श्वनाथ जिनालय से शुरू होकर पूरे नगर में जुलूस निकाला। इस दौरान बड़ी संख्या मेें पीत वस्त्र धारी महिला, पुरुष और बच्चों ने जुलूस में सहभागिता कर सम्मेद शिखर तीर्थ के संरक्षण को लेकर आवाज बुलंद की। इस दौरान समाज के लोगों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम अश्विनी कुमार रावत को सौंपा। सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित करने की अधिसूचना 10 दिन में निरस्त न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी।



दरअसल, केंद्र और झारखंड सरकार ने झारखंड के गिरडीह जिले में स्थित जैन तीर्थ सम्मेद शिखर को पर्यटन क्षेत्र और वन्य अभ्यारण्य घोषित कर दिया है। इसे लेकर देशभर में जैन समाज के लोग जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं। जैन समाज की मांग है कि 20 तीर्थंकरों की निर्वाणभूमि सम्मेद शिखर के पर्यटन क्षेत्र घोषित होने के बाद वहां गैर धार्मिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। इसलिए समाज सम्मेद शिखर को पर्यटन क्षेत्र घोषित नहीं करने के पक्ष मेें है।


इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष बलदेव अग्रवाल, जैन मिलन के अध्यक्ष रॉकी जैन, पवन  जैन, संजय जैन मोनू, दामोदर जैन, कपिल जैन, मुकेश जैन, आनंद जैन,नरेंद्र जैन, समाजसेवी महेश चंद्र अग्रवाल मीडिया प्रभारी अंकुर जैन,  मुरारी लाल सिंघई,  लालजीराम जैन, मुन्ना बंसल ,  राधेश्याम जैन धर्मेंद्र अग्रवाल , , शांतिलाल जैन , डॉ गोपाल जैन,  बंटी अग्रवाल,डॉ नितिन जैन, डॉ संगीता जैन,कल्पना जैन, प्रेम देवी जैन, पूनम जैन,ज्योति जैन, खुशबू जैन  मौजूद रहे।

प्रदर्शन के दौरान सकल जैन समाज, वैश्य समाज, जैन मिलन भितरवार  इनका सहयोग रहा।

सम्मेद शिखर तीर्थ से 20 तीर्थंकरों को मोक्ष प्राप्त हुआ है। तीर्थ के पर्यटन स्थल बनने से वहां गैर धार्मिक गतिविधियां बढ़ेगीं। इसका जैन समाज विरोध करता है। 

 रॉकी जैन  अध्यक्ष जैन मिलन भितरवार

तीर्थराज सम्मेद शिखर का कण-कण पवित्र है। जैन समाज अपने तीर्थों के संरक्षण और संवर्धन के लिए खुद ही काम करता है। सरकार इसे पर्यटन स्थल न बनाए। 

 पवन विमल कुमार जैन समाजसेवी भितरवार

हर साल बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालु सम्मेदशिखर तीर्थ की वंदना के लिए जाते हैं। यह तीर्थ अनादिकाल से है और आगे भी रहेगा। इसकी पवित्रता से खिलवाड़ न किया जाए। 


 महेश चंद्र अग्रवाल समाजसेवी भितरवार

सम्मेद शिखर जैन धर्म की आस्था का केंद्र है। इस तीर्थ के पर्यटन स्थल बनने के बाद पर्वत पर शराब, मांस का प्रयोग बढ़ जाएगा। इसलिए समाज इसका विरोध कर रहा है।


 कल्पना जैन समाज सेविका भितरवार

जैन तीर्थों को पर्यटन स्थल बनाकर सरकार जैन समाज की आस्था से खिलवाड़ कर रही है। तीर्थों पर हम वंदना और दर्शन के लिए जाते हैं। जबकि सरकार इन्हें पिकनिक स्पॉट बना रही है।

संजय मोनू जैन भितरवार

पिछले साल जनवरी में भी सम्मेद शिखर के पर्वत पर हजारों लोग जूते चप्पल पहनकर चढ़ गए थे। मंदिरों के अंदर लोग जूते चप्पल पहने बैठे थे। इसका भी समाज ने विरोध किया था। 

मुरारी लाल जैन सिंघई भितरवार

सरकार को तीर्थ पर समाज की सुविधा के लिए इंतजाम कराने चाहिए। यहां सीसीटीवी लगाए जाएं। पर्वत की सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ के चेक पोस्ट बनें, लेकिन पर्यटन स्थल न बने।-ज्योति राहुल जैन भितरवार

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