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गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय में हुआ एकेडमिक प्राइज डिस्ट्रीब्यूशन कार्यक्रम

डॉक्टर इस धरती के ईश्वर, कोरोना काल में मानवता की रक्षा की :- राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल

ग्वालियर, 28 जनवरी 2026:- 

यदि ईश्वर ने किसी को चिकित्सा का विद्यार्थी बनाया है, तो उसके पीछे उसकी कोई विशेष योजना होती है। भले ही लोग ईश्वर को देखें या न देखें, लेकिन दुनिया डॉक्टर को इस धरती पर ईश्वर अवश्य मानती है। यह बात लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित एकेडमिक प्राइज डिस्ट्रीब्यूशन कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के अभूतपूर्व संकट में यदि किसी ने अपने जीवन को जोखिम में डालकर मानव समाज की रक्षा की, तो वह चिकित्सक ही थे।


कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने दीप प्रज्वलन कर किया। एमबीबीएस 2025 बैच के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। मंच पर राज्य मंत्री के साथ गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आर.के.एस. धाकड़, संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना, सेलीब्रेशन चेयरपर्सन डॉ. वृंदा जोशी, प्रेसिडेंट अकादमिक डॉ. पुनीत रस्तोगी, डॉ. जितेंद्र अग्रवाल तथा स्टूडेंट यूनियन प्रेसिडेंट सौम्या गुप्ता उपस्थित थीं। राज्य मंत्री पटेल ने कहा कि चिकित्सा सेवा एक ऐसा पुनीत कार्य है, जिसके माध्यम से पूरे मानव समाज की रक्षा संभव है। बड़े-बुजुर्ग दीर्घायु होने का आशीर्वाद देते हैं, लेकिन चिकित्सकों के पास वह कौशल है, जिससे वे वास्तव में किसी व्यक्ति को दीर्घायु बना सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग मानवता की सेवा में करें।


इस अवसर पर अधिष्ठाता डॉ. धाकड़ ने महाविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि जीआरएमसी मध्यप्रदेश का पहला ऐसा चिकित्सालय होगा, जहां दो इन-हाउस सीटी स्कैन और एमआरआई सुविधाएं शीघ्र ही प्रारंभ होंगी, जिनके ऑर्डर दिए जा चुके हैं। उन्होंने प्रदेश के पहले रैबीज सॉफ्टवेयर रैबी ट्रैक पोर्टल की जानकारी भी साझा की। साथ ही उन्होंने अस्पताल भवनों की जर्जर स्थिति से राज्य मंत्री को अवगत कराते हुए इनके पुनर्निर्माण पर विचार करने का आग्रह किया। कार्यक्रम के अंत में राज्य मंत्री पटेल ने विद्यार्थियों को पुरस्कार और गोल्ड मेडल प्रदान किए। इससे पूर्व उन्होंने फाइन आर्ट गैलरी का शुभारंभ किया, जहां ड्राइंग, पेंटिंग, रंगोली और पॉट डेकोरेशन को देखकर विद्यार्थियों की सराहना की। इस अवसर पर डॉ.सुधा आयंगर, डॉ.डीके शाक्य, डॉ.संजय चंदेल, डॉ.अमित निरंजन, डॉ.सचिन जैन, डॉ.शक्ति सिंघल, डॉ.मीना मूंदड़ा, डॉ.नीलिमा टंडन सहित अन्य चिकित्सा शिक्षक व सैकड़ों की संख्या में यूजी-पीजी चिकित्सा छात्र मौजूद थे। 


वीडियो के माध्यम से भेजा संदेश

उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित वार्षिक उत्सव पर महाविद्यालय से जुड़े विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को वीडियो संदेश के माध्यम से शुभकामनाएं प्रेषित कीं। वीडियो संदेश के माध्यम से उन्होंने कहा कि गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय नवाचार और गुणवत्ता के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। प्रदेश का पहला रैबीज सॉफ्टवेयर रैबी ट्रैक, आधुनिक शैक्षणिक गतिविधियां और तकनीकी पहल इसकी पहचान बन चुकी हैं। राज्य सरकार द्वारा उच्च स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीन विभागों की स्थापना, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण तथा पीजी व एमबीबीएस सीटों में वृद्धि जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। छात्र-छात्राओं से समाज सेवा में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।


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